Showing posts with label Political science. Show all posts
Showing posts with label Political science. Show all posts

Friday, 13 July 2018

Indian Constitution articles in hindi

                            

Indian Constitution Articles:-
***************

Ak47exam.blogspot.com




*अनुच्छेद 1* :- संघ कानाम और राज्य क्षेत्र
*अनुच्छेद 2* :- नए राज्यों का प्रवेश या स्थापना
*अनुच्छेद 3* :- राज्य का निर्माण तथा सीमाओं या नामों मे
परिवर्तन
*अनुच्छेद 4* :- पहली अनुसूचित व चौथी अनुसूची के संशोधन तथा दो और तीन के अधीन बनाई गई विधियां
*अच्नुछेद 5* :- संविधान के प्रारंभ पर नागरिकता
*अनुच्छेद 6* :- भारत आने वाले व्यक्तियों को नागरिकता
*अनुच्छेद 7* :-पाकिस्तान जाने वालों को नागरिकता
*अनुच्छेद 8* :- भारत के बाहर रहने वाले व्यक्तियों का नागरिकता
*अनुच्छेद 9* :- विदेशी राज्य की नागरिकता लेने पर नागरिकता का ना होना
*अनुच्छेद 10* :- नागरिकता के अधिकारों का बना रहना
*अनुच्छेद 11* :- संसद द्वारा नागरिकता के लिए कानून का विनियमन
*अनुच्छेद 12* :- राज्य की परिभाषा
*अनुच्छेद 13* :- मूल अधिकारों को असंगत या अल्पीकरण करने वाली विधियां
*अनुच्छेद 14* :- विधि के समक्ष समानता
*अनुच्छेद 15* :- धर्म जाति लिंग पर भेद का प्रतिशेध
*अनुच्छेद 16* :- लोक नियोजन में अवसर की समानता
*अनुच्छेद 17* :- अस्पृश्यता का अंत
*अनुच्छेद 18* :- उपाधीयों का अंत
*अनुच्छेद 19* :- वाक् की स्वतंत्रता
*अनुच्छेद 20* :- अपराधों के दोष सिद्धि के संबंध में संरक्षण
**
*अनुच्छेद 21* :-प्राण और दैहिक स्वतंत्रता
*अनुच्छेद 21 क* :- 6 से 14 वर्ष के बच्चों को शिक्षा का अधिकार
*अनुच्छेद 22* :- कुछ दशाओं में गिरफ्तारी से सरंक्षण
*अनुच्छेद 23* :- मानव के दुर्व्यापार और बाल आश्रम
*अनुच्छेद 24* :- कारखानों में बालक का नियोजन का प्रतिशत
*अनुच्छेद 25* :- धर्म का आचरण और प्रचार की स्वतंत्रता
**
*अनुच्छेद 26* :-धार्मिक कार्यों के प्रबंध की स्वतंत्रता
*अनुच्छेद 29* :- अल्पसंख्यक वर्गों के हितों का संरक्षण
*अनुच्छेद 30* :- शिक्षा संस्थाओं की स्थापना और प्रशासन करने का अल्पसंख्यक वर्गों का अधिकार
*अनुच्छेद 32* :- अधिकारों को प्रवर्तित कराने के लिए उपचार
*अनुच्छेद 36* :- परिभाषा
*अनुच्छेद 40* :- ग्राम पंचायतों का संगठन
*अनुच्छेद 48* :- कृषि और पशुपालन संगठन
*अनुच्छेद 48क* :- पर्यावरण वन तथा वन्य जीवों की रक्षा
*अनुच्छेद 49:-* राष्ट्रीय स्मारक स्थानों और वस्तुओं का संरक्षण
*अनुछेद. 50* :- कार्यपालिका से न्यायपालिका का प्रथक्करण
*अनुच्छेद 51* :- अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा
*अनुच्छेद 51क* :- मूल कर्तव्य
*अनुच्छेद 52* :- भारत का राष्ट्रपति
*अनुच्छेद 53* :- संघ की कार्यपालिका शक्ति
*अनुच्छेद 54* :- राष्ट्रपति का निर्वाचन
*अनुच्छेद 55* :- राष्ट्रपति के निर्वाचन की रीती
*अनुच्छेद 56* :- राष्ट्रपति की पदावधि
*अनुच्छेद 57* :- पुनर्निर्वाचन के लिए पात्रता
*अनुच्छेद 58* :- राष्ट्रपति निर्वाचित होने के लिए आहर्ताए
*अनुच्छेद 59* :- राष्ट्रपति पद के लिए शर्ते
*अनुच्छेद 60* :- राष्ट्रपति की शपथ
*अनुच्छेद 61* :- राष्ट्रपति पर महाभियोग चलाने की प्रक्रिया
*अनुच्छेद 62* :- राष्ट्रपति पद पर व्यक्ति को भरने के लिए निर्वाचन का समय और रीतियां
*अनुच्छेद 63* :- भारत का उपराष्ट्रपति
*अनुच्छेद 64* :- उपराष्ट्रपति का राज्यसभा का पदेन सभापति होना
*अनुच्छेद 65* :- राष्ट्रपति के पद की रिक्त पर उप राष्ट्रपति के कार्य
*अनुच्छेद 66* :- उप-राष्ट्रपति का निर्वाचन
*अनुच्छेद 67* :- उपराष्ट्रपति की पदावधि
*अनुच्छेद 68* :- उप राष्ट्रपति के पद की रिक्त पद भरने के लिए निर्वाचन
*अनुच्छेद69* :- उप राष्ट्रपति द्वारा शपथ
**
*अनुच्छेद 70* :- अन्य आकस्मिकता में राष्ट्रपति के कर्तव्यों का निर्वहन
*अनुच्छेद 71*. :- राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के निर्वाचन संबंधित
विषय
*अनुच्छेद 72* :-क्षमादान की शक्ति
*अनुच्छेद 73* :- संघ की कार्यपालिका शक्ति का विस्तार
*अनुच्छेद 74* :- राष्ट्रपति को सलाह देने के लिए मंत्रिपरिषद
*अनुच्छेद 75* :- मंत्रियों के बारे में उपबंध
*अनुच्छेद 76* :- भारत का महान्यायवादी
*अनुच्छेद 77* :- भारत सरकार के कार्य का संचालन
*अनुच्छेद 78* :- राष्ट्रपति को जानकारी देने के प्रधानमंत्री के
कर्तव्य
*अनुच्छेद 79* :- संसद का गठन
*अनुच्छेद 80* :- राज्य सभा की सरंचना
**
*अनुच्छेद 81* :- लोकसभा की संरचना
*अनुच्छेद 83* :- संसद के सदनो की अवधि
*अनुच्छेद 84* :-संसद के सदस्यों के लिए अहर्ता
*अनुच्छेद 85* :- संसद का सत्र सत्रावसान और विघटन
*अनुच्छेद 87* :- राष्ट्रपति का विशेष अभी भाषण
*अनुच्छेद 88* :- सदनों के बारे में मंत्रियों और महानयायवादी
अधिकार
*अनुच्छेद
89* :-राज्यसभा का सभापति और उपसभापति
*अनुच्छेद 90* :- उपसभापति का पद रिक्त होना या पद हटाया
जाना
*अनुच्छेद 91* :-सभापति के कर्तव्यों का पालन और शक्ति
*अनुच्छेद 92* :- सभापति या उपसभापति को पद से हटाने का
संकल्प विचाराधीन हो तब उसका पीठासीन ना होना
*अनुच्छेद 93* :- लोकसभा का अध्यक्ष और उपाध्यक्ष
*अनुचित 94* :- अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का पद रिक्त होना
*अनुच्छेद 95* :- अध्यक्ष में कर्तव्य एवं शक्तियां
*अनुच्छेद 96* :- अध्यक्ष उपाध्यक्ष को पद से हटाने का संकल्प हो तब
उसका पीठासीन ना होना
*अनुच्छेद 97* :- सभापति उपसभापति तथा अध्यक्ष,उपाध्यक्ष के
वेतन और भत्ते
*अनुच्छेद 98* :- संसद का सविचालय
*अनुच्छेद 99* :- सदस्य द्वारा शपथ या प्रतिज्ञान
*अनुच्छेद 100* - संसाधनों में मतदान रिक्तियां के होते हुए भी
सदनों के कार्य करने की शक्ति और गणपूर्ति
*अनुच्छेद 108* :- कुछ दशाओं में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक
*अनुत्छेद 109* :- धन विधेयक के संबंध में विशेष प्रक्रिया
*अनुच्छेद 110* :- धन विधायक की परिभाषा
*अनुच्छेद 111* :- विधेयकों पर अनुमति
*अनुच्छेद 112* :- वार्षिक वित्तीय विवरण
*अनुच्छेद 118* :- प्रक्रिया के नियम
*अनुच्छेद 120* :- संसद में प्रयोग की जाने वाली भाषा
*अनुच्छेद 123* :- संसद विश्रांति काल में राष्ट्रपति की अध्यादेश शक्ति
*अनुच्छेद 124* :- उच्चतम न्यायालय की स्थापना और गठन
*अनुच्छेद 125* :- न्यायाधीशों का वेतन
*अनुच्छेद 126* :- कार्य कार्य मुख्य न्याय मूर्ति की नियुक्ति
*अनुच्छेद 127* :- तदर्थ न्यायमूर्तियों की नियुक्ति
*अनुच्छेद 128* :- सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की उपस्थिति
*अनुच्छेद 129* :- उच्चतम न्यायालय का अभिलेख नयायालय होना
*अनुच्छेद 130* :- उच्चतम न्यायालय का स्थान
**
*अनुच्छेद 131* :- उच्चतम न्यायालय की आरंभिक अधिकारिता
*अनुच्छेद 137* :- निर्णय एवं आदेशों का पुनर्विलोकन
*अनुच्छेद 143* :- उच्चतम न्यायालय से परामर्श करने की
राष्ट्रपति की शक्ति
*अनुच्छेद144* :-सिविल एवं न्यायिक पदाधिकारियों द्वारा
उच्चतम न्यायालय की सहायता
*अनुच्छेद 148* :- भारत का नियंत्रक महालेखा परीक्षक
*अनुच्छेद 149* :- नियंत्रक महालेखा परीक्षक के कर्तव्य शक्तिया
*अनुच्छेद 150* :- संघ के राज्यों के लेखन का प्रारूप
*अनुच्छेद 153* :- राज्यों के राज्यपाल
*अनुच्छेद 154* :- राज्य की कार्यपालिका शक्ति
*अनुच्छेद 155* :- राज्यपाल की नियुक्ति
*अनुच्छेद 156* :- राज्यपाल की पदावधि
*अनुच्छेद 157* :- राज्यपाल नियुक्त होने की अर्हताएँ
*अनुच्छेद 158* :- राज्यपाल के पद के लिए शर्तें
*अनुच्छेद 159* :- राज्यपाल द्वारा शपथ या प्रतिज्ञान
*अनुच्छेद 163* :- राज्यपाल को सलाह देने के लिए मंत्री परिषद
*अनुच्छेद 164* :- मंत्रियों के बारे में अन्य उपबंध
*अनुच्छेद 165* :- राज्य का महाधिवक्ता
*अनुच्छेद 166* :- राज्य सरकार का संचालन
*अनुच्छेद 167* :- राज्यपाल को जानकारी देने के संबंध में मुख्यमंत्री के कर्तव्य
*अनुच्छेद 168* :- राज्य के विधान मंडल का गठन
*अनुच्छेद 170* :- विधानसभाओं की संरचना
*अनुच्छेद 171* :- विधान परिषद की संरचना
*अनुच्छेद 172* :- राज्यों के विधानमंडल कि अवधी
*अनुच्छेद 176* :- राज्यपाल का विशेष अभिभाषण
*अनुच्छेद 177* सदनों के बारे में मंत्रियों और महाधिवक्ता के अधिकार
*अनुच्छेद 178* :- विधानसभा का अध्यक्ष और उपाध्यक्ष
*अनुच्छेद 179* :- अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का पद रिक्त होना या
पद से हटाया जाना
*अनुच्छेद 180* :- अध्यक्ष के पदों के कार्य व शक्ति
**
*अनुच्छेद 181* :- अध्यक्ष उपाध्यक्ष को पद से हटाने का कोई
संकल्प पारित होने पर उसका पिठासिन ना होना
*अनुच्छेद 182* :- विधान परिषद का सभापति और उपसभापति
*अनुच्छेद 183* :- सभापति और उपासभापति का पद रिक्त होना
पद त्याग या पद से हटाया जाना
*अनुच्छेद 184* :- सभापति के पद के कर्तव्यों का पालन व शक्ति
*अनुच्छेद 185* :- संभापति उपसभापति को पद से हटाए जाने का
संकल्प विचाराधीन होने पर उसका पीठासीन ना होना
*अनुच्छेद 186* :- अध्यक्ष उपाध्यक्ष सभापति और उपसभापति
के वेतन और भत्ते
*अनुच्छेद 187* :- राज्य के विधान मंडल का सविचाल.
*अनुच्छेद 188* :- सदस्यों द्वारा शपथ या प्रतिज्ञान
*अनुच्छेद 189* :- सदनों में मतदान रिक्तियां होते हुए भी साधनों का कार्य करने की शक्ति और गणपूर्ति
*अनुच्छेद 199* :- धन विदेश की परिभाषा
*अनुच्छेद 200* :- विधायकों पर अनुमति
*अनुच्छेद 202* :- वार्षिक वित्तीय विवरण
*अनुच्छेद 213* :- विध
ानमंडल में अध्यादेश सत्यापित करने के
राज्यपाल की शक्ति
*अनुच्छेद 214* :- राज्यों के लिए उच्च न्यायालय
*अनुच्छेद 215* :- उच्च न्यायालयों का अभिलेख न्यायालय होना
*अनुच्छेद 216* :- उच्च न्यायालय का गठन
*अनुच्छेद 217* :- उच्च न्यायालय न्यायाधीश की नियुक्ति
पद्धति शर्तें
*अनुच्छेद 221* :- न्यायाधीशों का वेतन
**
*अनुच्छेद 222* :- एक न्यायालय से दूसरे न्यायालय में
न्यायाधीशों का अंतरण
*अनुच्छेद 223* :- कार्यकारी मुख्य न्याय मूर्ति के नियुक्ति
*अनुच्छेद 224* :- अन्य न्यायाधीशों की नियुक्ति
*अनुच्छेद 226* :- कुछ रिट निकालने के लिए उच्च न्यायालय की शक्ति
*अनुच्छेद 231* :- दो या अधिक राज्यों के लिए एक ही उच्च न्यायालय की स्थापना
*अनुच्छेद 233* :- जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति
*अनुच्छेद 241* :- संघ राज्य क्षेत्र के लिए उच्च-न्यायालय
**
*अनुच्छेद 243* :- पंचायत नगर पालिकाएं एवं सहकारी समितियां
*अनुच्छेद 244* :- अनुसूचित क्षेत्रो व जनजाति क्षेत्रों का प्रशासन
*अनुच्छेद 248* :- अवशिष्ट विधाई शक्तियां
*अनुच्छेद 252* :- दो या अधिक राज्य के लिए सहमति से विधि बनाने की संसद की शक्ति
*अनुच्छेद 254* :- संसद द्वारा बनाई गई विधियों और राज्यों के विधान मंडल द्वारा बनाए गए विधियों में असंगति
*अनुच्छेद 256* :- राज्यों की और संघ की बाध्यता
*अनुच्छेद 257* :- कुछ दशाओं में राज्यों पर संघ का नियंत्रण
*अनुच्छेद 262* :- अंतर्राज्यक नदियों या नदी दूनों के जल संबंधी
विवादों का न्याय निर्णय
*अनुच्छेद 263* :- अंतर्राज्यीय विकास परिषद का गठन
*अनुच्छेद 266* :- संचित निधी
*अनुच्छेद 267* :- आकस्मिकता निधि
*अनुच्छेद 269* :- संघ द्वारा उद्ग्रहित और संग्रहित किंतु राज्यों
को सौपे जाने वाले कर
*अनुच्छेद 270* :- संघ द्वारा इकट्ठे किए कर संघ और राज्यों के
बीच वितरित किए जाने वाले कर
*अनुच्छेद 280* :- वित्त आयोग
*अनुच्छेद 281* :- वित्त आयोग की सिफारिशे
*अनुच्छेद 292* :- भारत सरकार द्वारा उधार लेना
*अनुच्छेद 293* :- राज्य द्वारा उधार लेना
&अनुच्छेद 300 क* :- संपत्ति का अधिकार
*अनुच्छेद 301* :- व्यापार वाणिज्य और समागम की स्वतंत्रता
*अनुच्छेद 309* :- राज्य की सेवा करने वाले व्यक्तियों की भर्ती और सेवा की शर्तों
*अनुच्छेद 310* :- संघ या राज्य की सेवा करने वाले व्यक्तियों की पदावधि
*अनुच्छेद 313* :- संक्रमण कालीन उपबंध
*अनुच्छेद 315* :- संघ राज्य के लिए लोक सेवा आयोग
*अनुच्छेद 316* :- सदस्यों की नियुक्ति एवं पदावधि
*अनुच्छेद 317* :- लोक सेवा आयोग के किसी सदस्य को हटाया
जाना या निलंबित किया जाना
*अनुच्छेद 320* :- लोकसेवा आयोग के कृत्य
*अनुच्छेद 323 क* :- प्रशासनिक अधिकरण
*अनुच्छेद 323 ख* :- अन्य विषयों के लिए अधिकरण
*अनुच्छेद 324* :- निर्वाचनो के अधिक्षण निर्देशन और नियंत्रण का निर्वाचन आयोग में निहित होना
*अनुच्छेद 329* :- निर्वाचन संबंधी मामलों में न्यायालय के
हस्तक्षेप का वर्णन
*अनुछेद 330* :- लोक सभा में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिये स्थानो का आरणण
*अनुच्छेद 331* :- लोक सभा में आंग्ल भारतीय समुदाय का
प्रतिनिधित्व
*अनुच्छेद 332* :- राज्य के विधान सभा में अनुसूचित जाति और
अनुसूचित जनजातियों के लिए स्थानों का आरक्षण
*अनुच्छेद 333* :- राज्य की विधानसभा में आंग्ल भारतीय
समुदाय का प्रतिनिधित्व
*अनुच्छेद 343* :- संघ की परिभाषा
*अनुच्छेद 344* :- राजभाषा के संबंध में आयोग और संसद की समिति
*अनुच्छेद 350 क* :- प्राथमिक स्तर पर मातृभाषा में शिक्षा की
सुविधाएं
*अनुच्छेद 351* :- हिंदी भाषा के विकास के लिए निर्देश
*अनुच्छेद 352* :- आपात की उदघोषणा का प्रभाव
*अनुछेद 356* :- राज्य में संवैधानिक तंत्र के विफल हो जाने की
दशा में उपबंध
*अनुच्छेद 360* :- वित्तीय आपात के बारे में उपबंध
*अनुच्छेद 368* :- सविधान का संशोधन करने की संसद की
शक्ति और उसकी प्रक्रिया
*अनुच्छेद 377* :- भारत के नियंत्रक महालेखा परीक्षक के बारे में
*उपबंध*
*अनुच्छेद 378* :- लोक सेवा आयोग के बारे

Ak47exam.blogspot.com

Tuesday, 1 May 2018

राष्ट्रीय आंदोलन की महत्वपूर्ण घटनाएँ


ak47exam.blogspot.com

राष्ट्रीय आंदोलन की महत्वपूर्ण घटनाएँ

1904 :                    भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम पारित

1905 :                    बंगाल का विभाजन

1906 :                    मुस्लिम लीग की स्थापना

1907 :                    सूरत अधिवेशन, कांग्रेस में फूट

1909 :                    मार्ले-मिंटो सुधार

1911 :                    ब्रिटिश सम्राट का दिल्ली दरबार

1916 :                    होमरूल लीग का निर्माण

1916 :                    मुस्लिम लीग-कांग्रेस समझौता (लखनऊ पैक्ट)

1917 :                    महात्मा गाँधी द्वारा चंपारण में आंदोलन

1919 :                    रौलेट अधिनियम

1919 :                    जलियाँवाला बाग हत्याकांड

1919 :                    मांटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार

1920 :                    खिलाफत आंदोलन

1920 :                    असहयोग आंदोलन

1922 :                    चौरी-चौरा कांड

1927 :                    साइमन कमीशन की नियुक्ति

1928 :                    साइमन कमीशन का भारत आगमन

1929 :                    भगतसिंह द्वारा केन्द्रीय असेंबली में बम विस्फोट

1929 :                    कांग्रेस द्वारा पूर्ण स्वतंत्रता की माँग

1930 :                    सविनय अवज्ञा आंदोलन

1930 :                    प्रथम गोलमेज सम्मेलन

1931 :                    द्वितीय गोलमेज सम्मेलन

1932 :                    तृतीय गोलमेज सम्मेलन

1932 :                    सांप्रदायिक निर्वाचक प्रणाली की घोषणा

1932 :                    पूना पैक्ट

1942 :                    भारत छोड़ो आंदोलन

1942 :                    क्रिप्स मिशन का आगमन

1943 :                    आजाद हिन्द फौज की स्थापना

1946 :                    कैबिनेट मिशन का आगमन

1946 :                    भारतीय संविधान सभा का निर्वाचन

1946 :                    अंतरिम सरकार की स्थापना

1947 :                    भारत के विभाजन की माउंटबेटन योजना

1947 :                    भारतीय स्वतंत्रता प्राप्ति

ak47exam.blogspot.com

Wednesday, 25 April 2018

भारत छोड़ो आन्दोलन

ak47exam.blogspot.com
भारत छोड़ो आन्दोलन क्या है?
भारत छोड़ो आन्दोलन 9 अगस्त, 1942 ई. को सम्पूर्ण भारत में राष्ट्रीयता महात्मा गांधी के आह्वान पर प्रारम्भ हुआ था।
● इस आंदोलन को अगस्त क्रांति भी कहा जाता है जो भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की अंतिम महान लड़ाई थी।
भारत छोड़ो आन्दोलन के कारण
1. निकट पूर्व में जापान की शानदार सफलता से भारतीयों को यह विश्वास हो गया कि ब्रिटिश साम्राज्य का खात्मा अवश्यंभावी है।
2. क्रिप्स मिशन की असफलता ने भारतीयों को कटुता से भर दिया।
3. भारतीयों को यह विश्वास हो गया कि ब्रिटिश सरकार युद्ध के बीच किसी भी प्रकार के सम्मानजनक समझौते के लिए तैयार नहीं है।
4. युद्ध के कारण भारत की बिगड़ती हुई आर्थिक स्थिति।
5. भारत में विदेशी सैनिकों का अभद्र व्यवहार।

भारत छोड़ो आन्दोलन कब शुरू हुआ
● 14 जुलाई, 1942 ई. को वर्धा प्रस्ताव द्वारा कांग्रेस कार्यकारिणी समिति ने अंग्रेजों को भारत से चले जाने की मांग की।
● इस प्रस्ताव से पूर्व गांधीजी ने कांग्रेस को अपने प्रस्ताव को न स्वीकार किये जाने की स्थिति में चुनौती देते हुए कहा कि ‘मैं देश की बालू से ही कांग्रेस से भी बड़ा आंदोलन खड़ा कर दूँगा।’ गांधीजी ने ब्रिटिश से भारत को ईश्वर के हाथों में सौंपकर चले जाने को कहा।
● आन्दोलन की सार्वजनिक घोषणा से पूर्व 1 अगस्त, 1942 ई. को इलाहाबाद में ‘तिलक दिवस’ मनाया गया। इस अवसर पर पं जवाहरलाल नेहरू ने कहा, ‘हम आग से खेलने जा रहे है। हम दुधारी तलवार का प्रयोग करने जा रहे हैं, जिसकी चोट उल्टी हमारे ऊपर भी पड़ सकती है।’

भारत छोड़ो आंदोलन कहाँ से शुरू हुआ
● 8 अगस्त, 1942 ई. को कांग्रेस ने ग्वालिया टैंक बंबई में अहिंसक संघर्ष चलाने हेतु भारत छोड़ो प्रस्ताव पास किया। इस अधिवेशन की अध्यक्षता मौलाना आजाद ने की थी।

भारत छोड़ो आन्दोलन श्लोगान
● कांग्रेस के इस ऐतिहासिक सम्मेलन में महात्मा गांधी ने लगभग 70 मिनट तक भाषण दिया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि ‘मैं आपको एक मंत्र देता हूँ, करो या मरो, जिसका अर्थ था–भारत की जनता देश की आजादी के लिए हर ढंग का प्रयत्न करे। गांधीजी के बारे में भोगराजू पट्टाभि सीतारमैया ने लिखा है कि ‘वास्तव में गाँधी जी उस दिन अवतार और पैगम्बर की प्रेरक शक्ति से प्रेरित होकर भाषण दे रहे थे।’ वह लोग जो कुर्बानी देना नहीं जानते, व आजादी प्राप्त नहीं कर सकते।

भारत छोड़ो आन्दोलन में गिरफ्तारी, उपवास व निधन
● 9 अगस्त, को कांग्रेस के सभी बड़े नेता गिरफ्तार कर लिये गये। इसके बावजूद आंदोलन शुरू हुआ। इसे स्वतः स्फूत आंदोलन कहा जाता है।
● गांधीजी को सरोजिनी नायडू के साथ पूना के आगा खाँ महल में रखा गया। नेहरू को अल्मोड़ा जेल में तथा मौलाना आजाद को बांकुरा में रखा गया। कांग्रेस को गैर-कानूनी घोषित कर दिया गया।
● गांधीजी ने आगा खाँ पैलेस में ही 10 फरवरी, 1943 को 21 दिन के उपवास का आरंभ किया।
● गांधीजी की रिहाई की मांग करते हुये एचएस एनी, एचपी मोदी व एनएस सरकार ने वायसराय की कार्यकारिणी से त्यागपत्र दे दिया।
● गांधीजी ने 7 मार्च, 1943 को उपवास तोड़ दिया व 6 मई, 1944 को उन्हें जेल से रिहा किया गया। इसी दौरान 22 फरवरी, 1944 को पुणे में कैद के दौरान ही कस्तूरबा गांधी का व गांधीजी के निजी सचिव महादेव देसाई का 15 अगस्त, 1942 को निधन हो गया।
● राजेन्द्र प्रसाद को नजरबंद किया गया व जयप्रकाश नारायण को गिरफ्तार कर हजारीबाग जेल में रख दिया गया। वे जेल से फरार होकर नेपाल में आजाद दस्ता की स्थापना की।
● अनेक जगहों पर समानान्तर सरकारों का गठन हुआ, जो हैंः बलिया में चित्तु पांडे के नेतृत्व में (पहली), बंगाल में तामलूक जातीय सरकार सतीश सामंत के नेतृत्व में 17 दिसंबर, 1942-1 सितंबर, 1944 व सतारा में पराति सरकार की स्थापना नाना पाटिल व वाईबी चह्वान के नेतृत्व में की गयी। पराति सरकार 1945 तक चली और यह सबसे लंबी रही।
● भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान जबर्दस्त हिंसा हुयी परंतु गांधीजी ने इसकी आलोचना करने से इंकार कर दिया।
● उषा मेहता ने बंबई से अवैध रेडियो स्टेशन चलाया।
● जयप्रकाश नारायण, लोहिया एवं अरूणा आसपफ अली ने भूमिगत रहकर आंदोलन का नेतृत्व किया।
● सी. राजगोपालाचारी तथा कम्युनिस्टों ने इस आंदोलन का विरोध किया, हिंदू महासभा ने इस आंदोलन की निंदा की।
● अहमदाबाद के कपड़ा मिलों में तीन महीने लगातार हड़ताल चली जिसे एक राष्ट्रवादी ने ‘भारत का स्तालिनग्राद’ की संज्ञा दी।
● भारत छोड़ो आन्दोलन मूल रूप से एक जनांदोलन था, जिसमें भारत का हर जाति वर्ग का व्यक्ति शामिल था। इस आन्दोलन ने युवाओं को एक बहुत बड़ी संख्या में अपनी ओर आकृष्ट कर लिया। युवाओं ने अपने काॅलेज छोड़ दिये और वे जेल का रास्ता अपनाने लगे।
भारत छोड़ो आन्दोलन की आलोचना
● मुस्लिम लीग ने आन्दोलन की आलोचना करते हुए कहा कि ‘आन्दोलन का लक्ष्य भारतीय स्वतंत्रता करना है, इस कारण यह आन्दोलन मुसलमानों के लिए घातक है।’ मुस्लिम लीग तथा उदारवादियों को भी यह आन्दोलन नहीं भाया।
● सर तेजबहादुर सपू ने इस प्रस्ताव को ‘अविचारित तथा असामयिक’ बताया।
● भीमराव अंबेडकर ने इसे ‘अनुत्तरदायित्व पूर्ण और पागलपन भरा कार्य’ बताया। हिन्दू महासभा एवं अकाली आन्दोलन ने भी इसकी आलोचना की।
● मुस्लिम लीग ने 23 मार्च, 1943 को पाकिस्तान दिवस मनाने का आह्वान किया।
● मुस्लिम लीग ने 1943 के करांची अधिवेशन में ब्रिटेन से कहा कि ‘विभाजन करो व छोड़ो।’

भारत छोड़ो आन्दोलन की असफलता के कारण
1. कार्यक्रम की रूपरेखा स्पष्ट नहीं थी।
2. नेतृत्व औपचारिक रूप से आंदोलन प्रारंभ करता, इससे पहले ही प्रमुख नेता गिरफ्तार हो गये थे।
3. आम जनता नेतृत्व विहीन हो गयी थी।
4. अंग्रेजों द्वारा युद्ध के लिए एकत्रित सेना का उपयोग इस आंदोलन के दमन में किया गया।

भारत छोड़ो आन्दोलन का महत्व
● इस आंदोलन ने ब्रिटिश सरकार के समक्ष स्पष्ट कर दिया कि भारत को स्वतंत्राता प्रदान करने की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे।
● इस आंदोलन के कारण भारत में कम्युनिस्ट आंदोलन की छवि खराब हुई, क्योंकि उन्होंने इस आंदोलन में हिस्सा नहीं लिया।
● चीन के तत्कालीन मार्शल च्यांग काई शेक ने 25 जुलाई, 1942 ई. को संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति रूजवेल्ट को पत्रा में लिखा, ‘अंग्रेजों के लिए सबसे श्रेष्ठ नीति यह है कि वे भारत को पूर्ण स्वतंत्रता दे दें।’ रूजवेल्ट ने भी इसका समर्थन किया।
● सरदार वल्लभ भाई पटेल ने आन्दोलन के बारे में लिखा ‘भारत में ब्रिटिश राज के इतिहास में ऐसा विप्लव कभी नहीं हुआ जैसा कि पिछले तीन वर्षों में हुआ, लोगों की प्रतिक्रिया पर हमें गर्व है।’
ak47exam.blogspot.com

Tuesday, 24 April 2018

संविधान सभा का निर्माण सम्बन्धी महत्वपूर्ण तथ्य

ak47exam.blogspot.com
संविधान सभा का निर्माण सम्बन्धी महत्वपूर्ण तथ्य 
कैबिनेट मिशन की सिफारिश पर संविधान सभा का गठन किया गया जिसने वर्ष 1946 मे भारत का दौरा किया था। श्री सच्चिदानंद सिन्हा की अध्यक्षता में संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसम्बर, 1946 को नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन हाल में हुई। आइये जानते है संविधान सभा का निर्माण सम्बन्धी महत्वपूर्ण तथ्य एक पंक्ति स्वरूप में–

● कैबिनेट मिशन की संस्तुतियों के आधार पर भारतीय संविधान की निर्माण करने वाली संविधान सभा का गठन जुलाई, 1946 में किया गया।
● संविधान सभा का चुनाव परोक्ष निर्वाचन पद्धति से किया गया था। प्रत्येक प्रांत के निचले सदन के सदस्यों अर्थात् विधान सभा द्वारा इनको निर्वाचित किया गया था।
● प्रत्येक प्रांत एवं देशी रियासतों अथवा रियासतों के समूह को उनकी जनसंख्या के अनुपात के अनुसार (10 लाख की आबादी पर एक सीट) संविधान सभा में प्रतिनिधित्व प्रदान किया गया था।
● संविधान सभा के सदस्यों की कुल संख्या 389 निश्चित की गई थी, जिनमें 292 ब्रिटिश प्रांतों के प्रतिनिधि 4 चीफ कमिश्नर क्षेत्रों के प्रतिनिधि एवं 93 देशी रियासतों के प्रतिनिधि थे। मुस्लिम लीग द्वारा संविधान सभा से अपने प्रतिनिधियों को बुला लेने के बाद सदस्य
संख्या 299 ही रह गई थी।
● जुलाई, 1946 ई. में संविधान सभा के 296 स्थानों के लिए चुनाव हुए। इसमें कांग्रेस को 208, मुस्लिम लीग को 73 एवं 15 स्थान अन्य दलों को प्राप्त हुए।
● प्रांतों का प्रतिनिधित्व मुख्यतः तीन समुदायों की जनसंख्या के आधार पर विभाजित किया गया था, ये समुदाय थे: मुस्लिम, सिख एवं साधारण।
● संविधान सभा में ब्रिटिश प्रातों के 296 प्रतिनिधियों का विभाजन सांप्रदायिक आधार पर किया गया- 213 सामन्य, 79 मुसलमान तथा 4 सिख।
● संविधान सभा का प्रथम अधिवेशन 9 दिसंबर, 1946 ई. को सच्चिदानन्द सिन्हा जो अस्थायी अध्यक्ष थे कि अध्यक्षता में प्रारंभ हुआ। 11 दिसंबर, 1946 को डाॅ. राजेन्द्र प्रसाद को संविधान सभा का स्थायी अध्यक्ष चुना गया।
● भीमराव अंबेडकर बंगाल से निर्वाचित होकर संविधान सभा मेंं आये थे।
● हैदराबाद एक ऐसी रियासत थी, जिसके प्रतिनिधि संविधान सभा में सम्मिलित नहीं हुए थे।
● बी. एन. राव द्वारा किए गए संविधान के प्रारूप पर विचार-विमर्श करने के लिए संविधान सभा द्वारा 29 अगस्त, 1947 को एक संकल्प पारित करके प्रारूप समिति का गठन किया गया तथा इसके अध्यक्ष के रूप में डॉ भीमराव अम्बेडकर को चुना गया. प्रारूप समिति के सदस्यों की संख्या सात थी, जो इस प्रकार है:
i. डॉ. भीमराव अम्बेडकर (अध्यक्ष)
ii. एन. गोपाल स्वामी आयंगर
iii. अल्लादी कृष्णा स्वामी अय्यर
iv. कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी
v. सैय्यद मोहम्मद सादुल्ला
vi. एन. माधव राव (बी.एल. मित्र के स्थान पर)
vii. डी. पी. खेतान (1948 ई. में इनकी मृत्यु के बाद टी. टी. कृष्माचारी को सदस्य बनाया गया). संविधान सभा में अम्बेडकर का निर्वाचन पश्चिम बंगाल से हुआ था।
● संविधान निर्माण का कार्य 13 दिसंबर, 1946 को जवाहर लाल नेहरू द्वारा ‘उद्देश्य प्रस्ताव’ को पेश करने से प्रारंभ हुआ। इस प्रस्ताव को विचार-विमर्श के उपरांत 22 जनवरी, 1947 को संविधान सभा द्वारा पारित कर दिया गया।
● 17 मार्च, 1947 को संविधान सभा ने संविधान की प्रमुख विशेषताओं के संबंध में एक प्रश्न सूची विभिन्न प्रांतीय विधानमंडलों तथा केन्द्रीय विधानमंडल के सदस्यों के पास उनके विचार के लिए भेजी। इन सदस्यों के विचारों को शामिल करके अक्टूबर, 1947 में संविधान का प्रथम प्रारूप तैयार किया गया।
● संविधान का प्रथम प्रारूप संवैधानिक परामर्शदाता श्री बी.एन राव के निर्देशन में संविधान सभा के कार्यालय द्वारा तैयार किया गया था। इसके अंतर्गत 315 अनुच्छेद, जो आठ भागों बंटें हुए थे, कि सिफारिश की गई थी। इस संविधान में 60 देशों के संविधान की प्रमुख विशेषताओं को शामिल किया गया था।
● संविधान निर्माण की प्रक्रिया में कुल 2 वर्ष, 11 महीना और 18 दिन लगे. इस कार्य पर लगभग 6.4 करोड़ रुपये खर्च हुए।
● संविधान के प्रारूप पर कुल 114 दिन बहस हुई।
● संविधान के प्रारूप को फरवरी, 1948 में संविधान सभा को सौंपा गया। इस पर 15 नवंबर, 1949 से विचार-विमर्श प्रारंभ हुआ। व्यापक बहसों, सुझावों एवं संशोधनों के उपरांत 26 नवंबर, 1949 को संविधान सभा ने संविधान पारित कर दिया।
● संविधान सभा की अंतिम बैठक 24 जनवरी, 1950 ई० को हुई और उसी दिन संविधान सभा के द्वारा डॉ. राजेंद्र प्रसाद को भारत का प्रथम राष्ट्रपति चुना गया।

ak47exam.blogspot.com

Article

USA vs Russia

USA vs Russia (Comparison) Aspect USA (United States of America) Russia (Russian Federation) Capital Washington, D.C...